90 के दशक का संगीत: एक स्वर्ण युग की शुरुआत
90 के दशक को भारतीय फिल्म संगीत का 'स्वर्ण युग' माना जाता है। यह वह समय था जब संगीत में मेलोडी (धुनों) की प्रधानता थी और शब्द सीधे दिल को छू जाते थे। 80 के दशक के अंत में जब एक्शन फिल्मों का बोलबाला था, तब 1990 में आई फिल्म 'आशिकी' ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया। इस फिल्म के संगीत ने न केवल रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि बॉलीवुड में रोमांटिक संगीत की एक नई लहर पैदा की। 90 के दशक का संगीत केवल मनोरंजन नहीं था, बल्कि यह उस पीढ़ी की भावनाओं, प्रेम और यादों का एक हिस्सा बन गया।
उस दौर में ऑडियो कैसेट का चलन था और लोग घंटों रेडियो के पास बैठकर अपने पसंदीदा गानों का इंतज़ार करते थे। 'बिनाका गीतमाला' और 'चित्रहार' जैसे कार्यक्रमों ने इन गानों को घर-घर तक पहुँचाया। कुमार सानू, उदित नारायण, अलका याग्निक, कविता कृष्णमूर्ति और सोनू निगम जैसे गायकों की आवाज़ ने उस दौर को अमर बना दिया। आज भी जब हम उन गानों को सुनते हैं, तो हम पुरानी यादों के गलियारों में खो जाते हैं।
रोमांटिक गानों का जादू: कुमार सानू और अलका याग्निक की जुगलबंदी
90 के दशक की बात हो और कुमार सानू का नाम न आए, यह नामुमकिन है। उन्होंने लगातार पांच बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का पुरस्कार जीतकर एक इतिहास रचा था। उनकी आवाज़ में वो कशिश थी जो हर प्रेमी के दिल की बात कह देती थी। वहीं दूसरी ओर, अलका याग्निक की मधुर आवाज़ ने फीमेल प्लेबैक सिंगिंग को एक नई ऊँचाई दी। इन दोनों की जुगलबंदी ने 'साजन', 'दीवाना', 'बाजीगर' और 'राजा हिंदुस्तानी' जैसी फिल्मों में ऐसे गाने दिए जो आज भी शादियों और पार्टियों की जान हैं।
मेलोडी किंग नदीम-श्रवण और जतिन-ललित जैसे संगीतकारों ने इस दौर में सादगी और सुरीलेपन को प्राथमिकता दी। 'धीरे धीरे से मेरी ज़िंदगी में आना' या 'तुझे देखा तो ये जाना सनम' जैसे गाने आज भी उतने ही ताज़ा लगते हैं जितने 30 साल पहले थे। इन गानों की सादगी ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है, जहाँ भारी-भरकम शोर के बजाय वाद्य यंत्रों और गायकी पर ध्यान दिया जाता था।
डांस और पेप्पी नंबर्स: गोविंदा और करिश्मा कपूर का दौर
90 के दशक में केवल रोमांस ही नहीं था, बल्कि डांस नंबर्स ने भी धूम मचा रखी थी। गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी ने पर्दे पर जो ऊर्जा बिखेरी, उसका मुकाबला आज भी मुश्किल है। आनंद-मिलिंद की धुनों पर थिरकते हुए 'कुली नंबर 1', 'राजा बाबू' और 'साजन चले ससुराल' के गानों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। 'सरकाई लो खटिया' या 'हुस्न है सुहाना' जैसे गानों ने उस दौर के मास ऑडियंस को सिनेमाघरों तक खींच लिया।
इसी दौर में ए.आर. रहमान ने 'रोजा' और 'रंगीला' के साथ बॉलीवुड में कदम रखा और संगीत की परिभाषा ही बदल दी। उनके संगीत में आधुनिकता और भारतीय शास्त्रीय संगीत का जो मेल था, उसने युवाओं को एक नया अनुभव दिया। 'मुकाबला मुकाबला' और 'छैया छैया' जैसे गानों ने कोरियोग्राफी और संगीत के स्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा दिया।
90 के दशक के 50 सदाबहार गानों की विस्तृत सूची
यहाँ हम उन 50 गानों की सूची दे रहे हैं, जो हर संगीत प्रेमी की प्लेलिस्ट में होने चाहिए। ये गाने न केवल सुनने में मधुर हैं, बल्कि इनके साथ कई भावनाएँ जुड़ी हुई हैं:
- 1. धीरे धीरे से मेरी ज़िंदगी में आना (आशिकी) - कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में यह गाना रोमांस की परिभाषा है।
- 2. तुझे देखा तो ये जाना सनम (दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे) - शाहरुख खान और काजोल की केमिस्ट्री और उदित नारायण की आवाज़ ने इसे अमर बना दिया।
- 3. पहला नशा (जो जीता वही सिकंदर) - उदित नारायण और साधना सरगम का यह गाना 'क्रश' और पहले प्यार के एहसास को बखूबी दर्शाता है।
- 4. बाजीगर ओ बाजीगर (बाजीगर) - कुमार सानू और अलका याग्निक का यह गाना आज भी चार्टबस्टर है।
- 5. टिप टिप बरसा पानी (मोहरा) - अलका याग्निक और उदित नारायण की आवाज़ में यह गाना बारिश के गानों में सबसे ऊपर आता है।
- 6. दिल तो पागल है (दिल तो पागल है) - यश चोपड़ा की फिल्म का यह टाइटल ट्रैक संगीत की भव्यता को दर्शाता है।
- 7. परदेसी परदेसी (राजा हिंदुस्तानी) - इस गाने ने उस समय लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
- 8. छैया छैया (दिल से) - ए.आर. रहमान का संगीत और सुखविंदर सिंह की बुलंद आवाज़।
- 9. कुछ कुछ होता है (Title Track) - दोस्ती और प्यार के बीच के अंतर को समझाने वाला यह गाना हर युवा की पसंद बना।
- 10. तुम मिले दिल खिले (क्रिमिनल) - कुमार सानू की जादुई आवाज़ और एम.एम. कीरावनी का संगीत।
- 11. संभला है मैंने (नाराज़) - कुमार सानू का एक बेहतरीन दर्द भरा गाना।
- 12. एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा (1942: ए लव स्टोरी) - आर.डी. बर्मन का आखिरी और सबसे शानदार काम।
- 13. जादू तेरी नज़र (डर) - उदित नारायण ने इस गाने में जो ऊर्जा भरी है, वह बेमिसाल है।
- 14. घूंघट की आड़ से (हम हैं राही प्यार के) - अलका याग्निक और कुमार सानू की क्लासिक जुगलबंदी।
- 15. राजा को रानी से प्यार हो गया (अकेले हम अकेले तुम) - उदित नारायण और अलका याग्निक की सादगी भरा गाना।
- 16. तड़प तड़प के इस दिल से (हम दिल दे चुके सनम) - केके (KK) की आवाज़ में विरह का सबसे दर्दनाक गाना।
- 17. ओले ओले (ये दिल्लगी) - सैफ अली खान का सिग्नेचर स्टेप और अभिजीत की आवाज़।
- 18. छम्मा छम्मा (चाइना गेट) - अलका याग्निक का यह डांस नंबर आज भी शादियों में बजता है।
- 19. दिल ने ये कहा है दिल से (धड़कन) - कुमार सानू, उदित नारायण और अलका याग्निक का त्रिकोणीय प्रेम गीत।
- 20. मेहंदी लगा के रखना (DDLJ) - शादी के गानों की लिस्ट इस गाने के बिना अधूरी है।
- 21. सोचना क्या (घायल) - कुमार सानू और शब्बीर कुमार का यह गाना जीवन के दर्शन को बताता है।
- 22. सातों जनम मैं तेरे (दिलवाले) - कुमार सानू और अलका याग्निक का एक और सुपरहिट गाना।
- 23. छुप गया बदरा (हम आपके हैं कौन) - लता मंगेशकर और एस.पी. बालासुब्रमण्यम की सुरीली आवाज़।
- 24. दीदी तेरा देवर दीवाना (हम आपके हैं कौन) - पारिवारिक उत्सवों का सबसे लोकप्रिय गाना।
- 25. छोटी सी आशा (रोज़ा) - ए.आर. रहमान और चित्रा की मासूमियत भरी पेशकश।
- 26. रंगीला रे (रंगीला) - आशा भोंसले की आवाज़ और रहमान का जादुई संगीत।
- 27. तू ही रे (बॉम्बे) - हरिहरन और कविता कृष्णमूर्ति की आवाज़ में प्यार की गहराई।
- 28. हुस्न है सुहाना (कुली नंबर 1) - अभिजीत और चंदना दीक्षित का सुपरहिट डांस नंबर।
- 29. क्या करते थे साजना (लाल दुपट्टा मलमल का) - अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण का मधुर गीत।
- 30. जिएं तो जिएं कैसे (साजन) - पंकज उधास की मखमली आवाज़ में विरह की वेदना।
- 31. बहुत प्यार करते हैं (साजन) - एस.पी. बालासुब्रमण्यम की आवाज़ का जादू।
- 32. देखा है पहली बार (साजन) - रोमांस का एक अलग ही स्तर।
- 33. तुम ही हो (आशिकी 2 - हालांकि यह 2013 का है, पर 90s की रूह इसमें है) - मूलतः 90 के दशक के प्रभाव वाला आधुनिक गाना।
- 34. परदेसियों से ना अंखियां मिलाना (जब जब फूल खिले का रीमेक वर्जन जो 90s में लोकप्रिय हुआ)।
- 35. चांद छुपा बादल में (हम दिल दे चुके सनम) - उदित नारायण और अलका याग्निक की जादुई केमिस्ट्री।
- 36. निंबूड़ा निंबूड़ा (हम दिल दे चुके सनम) - कविता कृष्णमूर्ति का बेहतरीन लोक संगीत आधारित गाना।
- 37. धक धक करने लगा (बेटा) - माधुरी दीक्षित का आइकॉनिक गाना।
- 38. चोली के पीछे क्या है (खलनायक) - इला अरुण और अलका याग्निक का विवादास्पद मगर सुपरहिट गाना।
- 39. नायक नहीं खलनायक हूँ मैं (खलनायक) - विनोद राठौड़ की दमदार आवाज़।
- 40. आँख मारे ओ लड़का आँख मारे (तेरे मेरे सपने) - कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति का मस्ती भरा गाना।
- 41. उरबसी उरबसी (हमसे है मुकाबला) - ए.आर. रहमान का एक और क्रांतिकारी संगीत।
- 42. मुकावला मुकावला (हमसे है मुकाबला) - प्रभु देवा के डांस स्टेप्स और अनोखा संगीत।
- 43. छई छपा छई (हु तू तू) - गुलज़ार के बोल और विशाल भारद्वाज का संगीत।
- 44. आवारा भंवरे (सपने) - हेमा सरदेसाई और रहमान की जुगलबंदी।
- 45. दिल चीज क्या है (90s के दौर में पुराने गानों का रीमिक्स और गज़ल वर्जन लोकप्रिय हुए)।
- 46. सावन में लग गई आग (मीका सिंह - इंडीपॉप की शुरुआत)।
- 47. मेड इन इंडिया (अलीशा चिनॉय) - इस गाने ने इंडीपॉप को भारत में स्थापित किया।
- 48. ओ ओ जाने जाना (प्यार किया तो डरना क्या) - सलमान खान और कमाल खान का सुपरहिट गाना।
- 49. आती क्या खंडाला (गुलाम) - आमिर खान और अलका याग्निक का बोलचाल की भाषा वाला गाना।
- 50. चलते चलते (पाकीज़ा का रीमिक्स या 90s के रोमांटिक वर्जन्स)।
90 के दशक के संगीत का आज के दौर में महत्व
आज के 'रीमिक्स' और 'रीक्रिएशन' के दौर में 90 के दशक के गानों की अहमियत और बढ़ गई है। संगीतकार पुराने गानों को नए कलेवर में पेश कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि इन गानों की जड़ें बहुत मज़बूत हैं। 'आँख मारे' से लेकर 'टिप टिप बरसा पानी' तक, लगभग हर बड़े गाने का रीमेक बन चुका है। लेकिन संगीत प्रेमियों का मानना है कि जो सुकून और मौलिकता ओरिजिनल गानों में थी, वह रीमेक में नहीं मिल पाती।
90 के दशक का संगीत हमें एक ऐसी दुनिया में ले जाता है जहाँ प्यार में मासूमियत थी और शब्दों का सम्मान था। समीर, आनंद बख्शी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे गीतकारों ने जो शब्द लिखे, वे आज भी लोगों की जुबान पर हैं। संगीत केवल सुनने की चीज़ नहीं है, बल्कि यह समय की एक गूँज है जो हमें हमारे बचपन या जवानी के सुनहरे दिनों की याद दिलाती है।
निष्कर्ष
90 के दशक के ये 50 गाने केवल एक सूची नहीं हैं, बल्कि यह उस युग की विरासत है जिसने बॉलीवुड संगीत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। चाहे आप अकेले में शांति चाहते हों या किसी पार्टी में झूमना चाहते हों, यह प्लेलिस्ट हर मौके के लिए सटीक है। इन गानों में एक ऐसी रूहानी ताकत है जो पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को जोड़ती रहेगी। अगर आपने अभी तक अपनी 90s की प्लेलिस्ट नहीं बनाई है, तो आज ही इन गानों को जोड़ें और मेलोडी के उस जादू को फिर से जिएं।
सामान्य प्रश्न
1. 90 के दशक का सबसे लोकप्रिय गायक कौन था?
90 के दशक में कुमार सानू और उदित नारायण सबसे लोकप्रिय पुरुष गायक थे। कुमार सानू ने लगातार 5 फिल्मफेयर पुरस्कार जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया था, जबकि उदित नारायण अपनी वर्सटैलिटी के लिए जाने जाते थे।
2. 90 के दशक में संगीत की कौन सी शैली सबसे अधिक प्रचलित थी?
इस दशक में रोमांटिक मेलोडी सबसे अधिक प्रचलित थी। इसके साथ ही, दशक के उत्तरार्ध में इंडीपॉप और ए.आर. रहमान के आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक और फ्यूजन संगीत का भी बोलबाला बढ़ा।
3. क्या 90 के दशक के गानों का रीमेक बनाना सही है?
यह एक व्यक्तिगत पसंद है। जहाँ रीमेक गानों को नई पीढ़ी तक पहुँचाते हैं, वहीं कई संगीत प्रेमियों का मानना है कि मूल गानों की आत्मा के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
4. 90 के दशक की सबसे सफल संगीतकार जोड़ी कौन सी थी?
नदीम-श्रवण की जोड़ी 90 के दशक की सबसे सफल जोड़ी मानी जाती है। उन्होंने 'आशिकी', 'साजन', 'दीवाना' और 'राजा हिंदुस्तानी' जैसी फिल्मों में ब्लॉकबस्टर संगीत दिया था।
5. 90 के दशक के गानों में किस वाद्य यंत्र का अधिक प्रयोग होता था?
उस दौर में वायलिन, गिटार, तबला, ढोलक और बांसुरी जैसे वाद्य यंत्रों का बहुत खूबसूरती से उपयोग किया जाता था, जो गानों को एक सुरीला एहसास देते थे।
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