प्यार का पहला ख़त
(मुखड़ा)
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
जिस्म की बात नहीं थी उनके दिल तक जाना था
लंबी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है
अंतरा १
गाँठ अगर लग जाए तो फिर खुलती नहीं है
उलझी हुई बातों को सुलझाने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
अंतरा २
हमने भी एक बार किसी से दिल लगाया था
उस पुरानी याद को मिटाने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
अंतरा ३
आहट से भी चौंक जाते हैं दीवाने अक्सर
धड़कन को फिर से समझाने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है...
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है।
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